ग्वालियर : किताबें फिर से करेंगी अपनी ओर आकर्षित। ग्वालियर स्मार्ट सिटी ने संवारी केंद्रीय पुस्तकालय की तस्वीर।

ग्वालियर-27/03/2021 – ग्वालियर स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा शहर के महाराज बाडा स्थित केन्द्रीय पुस्तकालय के ऐतिहासिक भवन को संरक्षित और संवार कर डिजिटल लाइब्रेरी बनाने का कार्य किया जा रहा है और अब इसका कार्य अंतिम चरण में है, जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक अत्याधुनिक संसाधनो से युक्त डिजीटल लाइब्रेरी पाठको को मिल सकेगी। स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें आज शनिवार को केन्द्रीय पुस्तकालय पर चल रहे कार्यो का निरीक्षण किया तथा *पाठकों की सुविधाओं के अनुरूप अंतिम चरण में चल रहे कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिये।
ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें इस परियोजना की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर के केन्द्रीय पुस्तकालय को डिजीटल करने के साथ ही इसकी ऐतिहासिक ईमारत के भव्य स्वरुप को कायम रखते हुये संरक्षित किया जा रहा है। और इस परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है, और इसके पूर्ण होने पर यह परियोजना शहर में डिजीटाइजेशन को लेकर एक मील का पत्थर साबित होगी, साथ ही दूसरे प्रदेशो के लिये भी यह डिजीटल लाइब्रेरी मॉडल बनेगी।
*इस लाइब्रेरी में न सिर्फ़ पाठक किताबें पढ़ सकेंगे अपितु डिजिटल माध्यम से राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कॉंटेंट भी पढ़ सकेंगे। जहाँ एक ओर पाठक अपने पसंदीदा विषय की पुस्तकों को पढ़ सकेंगे, वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बंधित पुस्तकों का अध्यन भी इस पुस्तकालय में किया जा सकेगा। डिजिटल लाइब्रेरी के सदस्यों के लिए एक मोबाइल ऐप भी ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा विकसित किया जा रहा है जिसके माध्यम से पाठक घर बैठे किताब पढ़ सकेंगे। छात्र व प्रतिभागी रोज़गार अथवा उच्च शिक्षा हेतु ग्रुप डिस्कशन, मॉक इंटर्व्यू आदि की तैयारी भी इस आधुनिक लाइब्रेरी में कर सकेंगे। इस लाइब्रेरी में किड्स प्ले एरिया का भी प्रावधान रखा गया है जो बच्चों को पुस्तकालय की ओर आकर्षित करने में निश्चित ही सकारात्मक भूमिका निभाएगा। श्रीमती सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पुस्तकालय का एक स्वर्णिम इतिहास रहा है । ग्वालियर स्मार्ट सिटी ने इस भवन के प्राचीन गौरव को लौटाने के साथ नूतन व आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया है। जल्द ही विरासत के संरक्षण की शृंखला में ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा एक और परियोजना आम जनता को लाभान्वित करेगी।
ग़ौरतलब है कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा ऐतिहासिक भवनों को सुद्दृढ व संरक्षित इनका पुनःउपयोग किया जा रहा है। इस क्रम में मोती महल स्थित कमांड कंट्रोल सेंटर व गोरखी स्थित डिजिटल म्यूज़ीयम का पुनः उपयोग कारगर सिद्ध हो रहा है व लोगों को भी पसंद आ रहा है। श्रीमती सिंह नें बताया कि इस डिजीटल लाइब्रेरी में 1927 से लेकर 1990 तक की 50 हजार से अधिक पुरानी किताबो की स्कैनिंग और भवन का रिनोवेशन कर सेंट्रल लाइब्रेरी को नया स्वरुप प्रदान करने का कार्य अंतिम चरण में है। लाइब्रेरी में अत्याधुनिक डिजीटल सुविधाओ में भी बढोत्तरी की गई है, जिसका लाभ हर वर्ग के पाठक को मिल सकेगा। श्रीमती सिंह नें बताया कि पूरी लाइब्रेरी को हाइटेक मोड पर लाने के लिये सभी रैक पर आऱएफआईडी कोड भी लगाया जायेगा। इसका अर्थ है कि कोई पाठक रैक में रखी पुस्तकों से छेडछाड करता है तो सायरन बजने लगेगा इसके अलावा कोड होने से कोई भी रीडर बिना अनुमति के पुस्तक से हाथ भी नही लगा पायेगा। इसके अलावा लाइब्रेरी को पूरी तरह से डिजीटल करने के साथ साथ सुरक्षा हेतु हाइटेक संसाधनो को भी लगाया जायेगा। डिजीटल लाइब्रेरी में आँटोमेटेड कियोस्क द्वारा किताबो को जारी और वापिस करने का प्रावधान रहेगा।
श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी तैयार होने के बाद लोगों को क्षेत्रीय, देश व विदेश की किताबें ऑनलाइन पढ़ने को मिलेंगी। प्रोजेक्ट के तहत लाइब्रेरी सहित सैलानियो के लिये शहर में अलग अलग जगहो पर डिजीटल लाइब्रेरी लाउंज बनाये जायेगे। इन लाउंज में 21 इंच की टच स्क्रीन के साथ कियोस्क मशीन लगेगी। पूरी डिजीटल लाइब्रेरी वाईफाई से कनेक्ट होगी। इस लाउंज में इंटरनेट की सभी सुविधाओ के साथ ही डिजीटल सेंट्रल लाइब्रेरी की किताबें आँनलाईन उपलब्ध होगी। इससे सैलानियों को घुमने के साथ ही पढने का विकल्प मिलेगा।


डिजीटल लाईब्रेरी में पाठको को मिलेगी यह अत्याधुनिक सुविधाये
• डिजिटल लाइब्रेरी में मौजूदा लाइब्रेरी के उन्नयन के लिए ऐतिहासिक स्वरुप को कायम रखते हुये पुन: उपयोग करने को लेकर व्यापक संरक्षण
• मौजुदा लाइब्रेरी का आधुनिकीकरण, स्वचालित/मशीनीकृत सुविधाओं से युक्त किताबो के संग्रह ।
• वरिष्ठ नागरिक, महिलाओं, बच्चों और दृष्टिहीन लोगों के लिए अलग-अलग जोन।
• एक्टीविटी रुम, काँफ्रेंस रुम, न्यूज पेपर रुम, डिजीटल लर्निंग रुम, एक्जाम रुम का प्रावधान।
• बुकशॉप, हाँबी सेंटर, कैफेटेरिया और कार्यक्रम के लिये स्थान आदि सुविधायें।
• समर्पित डिजिटल साक्षरता अनुभाग और 24×7 हेल्पलाइन की सुविधा।
• ग्वालियर में चुनिंदा 5 क्षेत्रों में स्थित लाइब्रेरी कियोस्क/लाउंज की स्थापना जिसके माध्यम से लाइब्रेरी का डिजिटल कंटेंट देखने की सुविधा।
• 50,000 मौजूदा पुस्तकों का डिजिटाइजेशन, नई किताबों का अधिग्रहण, पुस्तकालय प्रबंधन सॉफ्टवेयर इत्यादि।
• डेस्कटॉप, लैपटॉप, मोबाइल ऐप पर देखने और पहुंच के लिए “मेरा लाइब्रेरी व्यू डैशबोर्ड”
• ऑनलाइन/ऑफलाइन पठन, परीक्षण तैयारी, वीडियो व्याख्यान
• वास्तविक समय लाइसेंस सत्यापन, चिप आधारित पुस्तकालय सदस्यता कार्ड

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