ग्वालियर : कोरोना संक्रमितों के इलाज की हो बेहतर से बेहतर व्यवस्था और कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से हो पालन : संभाग आयुक्त

कलेक्टर और एसपी ने ली नोडल अधिकारियों एवं इंसीडेंट कमांडर की बैठक

ग्वालियर। आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जो अधिकार कलेक्टर को हैं वो सभी अधिकार
इंसीडेंट कमाण्डर को भी दिए गए हैं। इंसीडेंट कमाण्डर अपने-अपने क्षेत्र में इन अधिकारों का उपयोग कर कोरोना
गाइडलाइन का पालन कराएँ। साथ ही कोरोना संक्रमितों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराएँ, जिससे बढ़ते
हुए कोरोना संक्रमण को रोका जा सके। इस आशय के निर्देश कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखकर नियुक्त किए गए
नोडल अधिकारियों एवं इंसीडेंट कमाण्डर की बैठक में दिए गए। यह बैठक संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना की
अध्यक्षता में आयोजित हुई।
शुक्रवार को मोतीमहल स्थित मानसभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह,
पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री किशोर कान्याल, मेडीकल
कॉलेज के डीन डॉ. एस एन अयंगर व जेएएच के अधीक्षक डॉ. केआरएस धाकड़, एडीएम श्री रिंकेश वैश्य व श्री टी
एन सिंह तथा संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी सहित जिले के सभी
इंसीडेंट कमाण्डर व कोरोना पर नियंत्रण के उद्देश्य से बनाई गई लगभग एक दर्जन टीमों के नोडल अधिकारी मौजूद
थे।
संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने बैठक में निर्देश दिए कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिये सरकारी
अस्पतालों में बेहतर व्यवस्थायें करने के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी इसमें भागीदार बनाएँ। उन्होंने कहा
निजी अस्पताल आर्थिक रूप से सक्षम मरीजों के लिये शासन के निर्देशों का पालन करते हुए पैकेज निर्धारित करें।
उन्होंने मेडीकल कॉलेज के डीन और जेएएच अधीक्षक को निर्देश दिए कि सुपर स्पेशिलिटी विंग में कोविड के इलाज
के लिए पुख्ता इंतजाम रहें। अस्पताल पहुँचने वाले मरीज के इलाज में कदापि देरी न हो। उन्होंने कहा कि बैड
उपलब्धता एवं चिकित्सकीय टीम की अनुशंसा के अनुसार कौन सा मरीज कौन से अस्पताल में भर्ती होगा, इस पर
अंतिम निर्णय जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री किशोर कान्याल लेंगे।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जोर देकर कहा कि कोरोना की जांच के लिये सैम्पल लेते समय हर
मरीज का नाम व मोबाइल फोन नम्बर सहित पूरा पता दर्ज किया जाए। इस पते में वार्ड का भी अनिवार्यत: उल्लेख
हो, जिससे इंसीडेंट कमाण्डर अपनी टीम को मरीज के घर तक भेजकर उसे अस्पताल पहुँचा सकें। उन्होंने सभी
इंसीडेंट कमाण्डर को हिदायत दी कि संक्रमित पाए गए मरीजों के घर पर अनिवार्यत: कोविड-19 संक्रमित होने का
पर्चा चस्पा कराएँ। साथ ही अपने अधीनस्थ चिकित्सक व टीम के जरिए मरीज की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री लेकर संबंधित
लोगों की कोरोना जांच कराई जाए। उन्होंने आवश्यकता अनुसार बैरीकेटिंग कराकर कंटेनमेंट जोन बनाने के लिये
भी कहा।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी ने कहा कि कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने में पुलिस पूर्ण सहयोग
देगी। सभी पुलिस थानों में मास्क न लगाने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई सहित कोरोना गाइडलाइन का
पालन कराने के लिये विशेष रूप से पुलिस अमले को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में सभी इंसीडेंट कमाण्डर को निर्देश दिए कि जिन मरीजों में
कोरोना के बहुत कम लक्षण हों उन्हें ही होम आईसोलेशन की अनुमति दें। साथ ही उनके घर पर पर्याप्त जगह हो
और मरीज की देखरेख करने वाला भी होना चाहिए।

24 घंटे रेडी मोड में रहें एम्बूलेंस, रिस्पोंस समय पाँच मिनट से ज्यादा न हो
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी सरकारी एम्बूलेंस 24 घंटे रेडी मोड में
रहें। एम्बूलेंस का स्टाफ पूरी तरह मुस्तैद रहे और सूचना मिलने पर एम्बूलेंस का रिस्पोंस पाँच मिनट से ज्यादा नहीं
होना चाहिए। संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने कहा कि परिवहन अधिकारी से प्राइवेट एम्बूलेंस की सूची लेकर
उन्हें भी आपात स्थिति में उपयोग के लिये पहले से ही सजग कर दें।

रात्रि 10 बजे के बाद दुकानें कदापि खुली न रहें

कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराने पर जोर देते हुए कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त कार्रवाई कर यह सुनिश्चित करें कि रात्रि 10 बजे के बाद कोई भी बाजार
व दुकान कदापि खुली न रहे। होटल व रेस्टोरेंट में बैठकर खाने पर प्रतिबंध है। केवल पार्सल से भोजन सामग्री घर
ले जाई जा सकती है। इसी तरह जिम, स्वीमिंग पूल व सिनेमाघर पूरी तरह बंद रखे जाएँ। भीड़भाड़ जमा होने से
रोकें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी कराएँ। इसके लिये दुकानों के आगे गोल घेरे बनवाए जाएँ। मास्क न
लगाने वालों से जुर्माना वसूलें और उन्हें खुली जेल इत्यादि में भेजें। साथ ही उनसे वॉलेन्टियर का काम भी लिया जा
सकता है। जिले में कोविड संक्रमण नियंत्रण के मद्देनजर धारा-144 लागू कर स्पष्ट किया गया है कि होली जुलूस,
गैर व मेले इत्यादि का आयोजन भी प्रतिबंधित किया गया है। शादी समारोह में 50 और शवयात्रा में 20 से अधिक
लोग सम्मिलित नहीं हो सकते हैं।

सब्जी मंडी से भीड़ कम करने के लिये खाली स्थान पर लगवाएँ दुकानें

कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में यह भी निर्देश दिए कि लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी में भीड़भाड़
कदापि जमा न हो। उन्होंने मंडी के पीछे स्थित खाली स्थान में मंडी की दुकानें स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
साथ ही कहा जो दुकानदार व कारोबारी इसका पालन न करें, उनके खिलाफ धारा-188 के तहत पुलिस कार्रवाई
की जाए।

कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर से मरीजों को मिले प्रॉपर सलाह

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर से वीडियो कॉलिंग के जरिए मरीजों को
उचित सलाह दी जाए। इसमें कोई ढ़िलाई न हो। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि होम आईसोलेशन में स्वास्थ्य
लाभ प्राप्त कर रहे मरीजों तक नियमित रूप से दवाईयाँ पहुँचती रहें। उन्होंने जेएएच के अधीक्षक से कहा कि
किडनी पेसेंट के लिये डायलेसिस का इंतजाम पुख्ता रहे। साथ ही बाहर से रेफर होकर आने वाले कोरोना संक्रमित
मरीजों का रिस्पोंस टाईम कम से कम हो और उनके इलाज के लिये हर समय पुख्ता इंतजाम रहें।

यह भी निर्देश दिए

  • नाकों, स्टेशन व एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था हो। संदिग्धों की कराएँ कोरोना जाँच।
  • जिला चिकित्सालय में कोरोना मरीजों के लिये तत्काल सहायता केन्द्र शुरू करें। मरीजों को भटकना पड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई।
  • अस्पतालों में कोरोना मरीज के लिये बैड उपलब्धता की जानकारी हर समय कमाण्ड सेंटर में उपलब्ध रहे।
  • चिन्हित निजी अस्पतालों में भी कोविड मरीजों के लिये 20 बैड आरक्षित रहें।
  • सभी फीवर क्लीनक सक्रिय रहें और वहाँ नियमित रूप से कोरोना की जाँच की जाए।
  • कोरोना स्क्वॉयड सक्रिय होकर शहर भर में कराएँ कोरोना गाइडलाइन का पालन।

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