पत्थर शिल्प में तकनीकी उन्नयन को लेकर प्रशिक्षण शिविर शुरू, रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग कर शिल्पी लेंगे प्रशिक्षण

ग्वालियर 02 अप्रैल 2021/ स्मार्ट सिटी द्वारा विकसित मोतीमहल स्थित रिजनल आर्ट एवं क्राफ्ट सेंटर में शुक्रवार से कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “समर्थ” के अंतर्गत पत्थर शिल्प में तकनीकी उन्नयन विषय पर प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 2 माह तक निरंतर जारी रहेगा।
प्रशिक्षण सत्र के शुभारम्भ अवसर पर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें कहा कि पत्थर शिल्प कला में ग्वालियर प्राचीन काल से प्रसिद्ध है। स्मार्ट सिटी का प्रयास है कि अंचल में शिल्पकला को निरन्तर प्रोत्साहन मिलता रहे। साथ ही अंचल के शिल्पियो द्वारा रचित शिल्प का बेहतर प्रदर्शन हो और शिल्पकारो को एक स्थान पर सुविधाये मिले। इसी बात को ध्यान में रखकर क्षेत्रीय आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर तैयार किया गया है। श्रीमती सिंह नें कहा कि शिल्पियो के लिये यह बहुत ही अच्छा अवसर है कि वह इस सेंटर पर उपस्थित अत्याधुनिक तकनीक का लाभ लेकर अपनी कला को आगे बढाएँ।
श्रीमती सिंह नें कहा कि क्षेत्रीय आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर एक तरह से शिल्पियो के लिये हब है, जहाँ उन्हे कला के प्रदर्शन हेतु सुविधाये मिल रही है। उन्होने बताया कि राजस्थान, उतर प्रदेश और मध्य प्रदेश में केवल ग्वालियर के रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर को ट्रेनिंग के लिये चुना गया है। पूरे भारत में लगभग 1500 लोगो को यह ट्रेनिंग दी जा रही है, उन्होने बताया कि यह काफी सुखद अनुभव है की इस सेंटर की वजह से शिल्पकार नए हुनर के साथ व्यवसाय की ओर आगे बढ़ रहे है।
वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के सहायक निदेशक (HRD) श्री कमल कांत राठौर ने कहा कि इस प्रशिक्षण में शामिल सभी 30 शिल्पकारो की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन द्वारा लगवाई जाएगी। प्रशिक्षण में एक ट्रेनर और दो सहायक ट्रेनर रहेगे। प्रशिक्षण अवधि में 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रशिक्षण के बाद शिल्पकारो का मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रशिक्षण अवधि में समर्थ पोर्टल पर प्रतिदिन प्रशिक्षण का एक फोटो भी अपलोड किया जाएगा।
गौलतलब है कि रीजनल आर्ट एवं क्राफ्ट सेंटर को स्मार्ट सिटी द्वारा तैयार किया गया है। यहाँ पर पुरानी मशीनो को भी शुरु किया गया है, जिससे यहाँ पर शिल्प कलाकारो को कटिंग में आसानी रहे। इस पूरे प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियो को बाजार की भी जानकारी दी जायेगी कि वह अपनी कला के माध्यम से कहाँ औऱ कैसे अपना रोजगार चला सकते है।

 230 total views,  2 views today

Share and Enjoy !

0Shares
0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0Shares
0