बाँदा : पंचायत सचिव की मनमानी के चलते दलित महिला प्रधान इस्तीफा देने को मजबूर

बाँदा / बिसंडा ब्लॉक अंतर्गत भदेहदु गांव की ग्राम प्रधान दलित महिला शांति देवी पत्नी प्रहलाद (जमादार) ने पंचायत सचिव की मनमानी से परेशान हैं। पिछले 5 साल से पंचायत सचिव अरुण सिंह कुशवाहा ग्राम पंचायत में जमे हुए हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों के कृपा पात्र बने हैं। पीड़ित प्रधान ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर पंचायत सचिव के ट्रांसफर करने की मांग की है।
आरोप है कि तबादला न होने की वजह से पंचायत सचिव ने पूर्व प्रधान के सहयोगी से दबंगई करवाने में उतारू है। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए आया पैसा पंचायत सचिव दबाए बैठे हैं। विकास कार्यों में भी पंचायत सचिव की मनमानी बनी हुई है। इसकी वजह से ग्राम पंचायत के विकास कार्य पूर्ण रूप से बाधित है, साथ ही दलित महिला प्रधानपति ने बताया कि अभी हाल ही में प्रधान पद पर निर्वाचित हुई हूँ, लेकिन पंचायत सचिव अरुण सिंह कुशवाहा के द्वारा मुझे किसी भी योजना के बारे जानकारी नही दी जा रही है ,जानकारी करने पर तथ्यात्मक जवाब न देकर गोल- मोल बाते करके घुमाया जा रहा है, तथा निवर्तमान प्रधान के एक विशेष आदमी से मिलकर गाँवदारी करवाई जा रही है, ग्रामनिधियो में अवशेष धनराशि की कोई जानकारी नही दी जा रही है , ऐसी स्थिति में विकास कार्य करवा पाना सम्भव नहीं प्रतीत हो रहा है, ऊपर से पंचायत सचिव अरूण सिंह कुशवाहा द्वारा मेरे ऊपर दवाब बनाया जा रहा है , तथा निवर्तमान प्रधान के उस विशेष आदमी की तरफ से कहा जा रहा है कि प्रधान चाहे जितनी शिकायत करे, लेकिन भदेहदु गांव की प्रधानी मैं ही करूँगा , दलित महिला प्रधान शांति देवी के पति ने आरोप लगाया है कि यह सब बीडीओ की सह पर ही हो रहा है,

साथ ही जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए कहा कि तत्काल पंचायत सचिव अरुण सिंह कुशवाहा का स्थानांतरण करते हुए अन्य किसी सचिव को हमारी ग्राम पंचायत भदेहदु में नियुक्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में मैं दलित महिला प्रधान अपने पद से इस्तीफा देने को मजबूर हो जाऊंगी ।

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