हजीरा पुलिस की नाक के नीचे से भागा शराब माफिया, मामला संदिग्ध ??

मामला :- हजीरा थाने में पकड़े गए देशी अवैध शराब की पेटी कीमत 200000 रुपये, अल्टोकार ।

ग्वालियर। मध्य प्रदेश पुलिस कार्यप्रणाली संदेशजनक नहीं है जैसा कि इस कोरोना काल में पुलिस आम जनता की काफी सेवा कर रही है। लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह है कि पुलिस की घेराबंदी करने के बाद भी आरोपी फरार हो जाता है। जैसा कि आप सभी को जानकारी है एक ही थाने में तीन साल से पदस्थ थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार आय दिन इस तरह की घटना को अंजाम देते रहते हैं । काफी सुर्खियों में रहते हैं अभी कुछ समय पहले थाने पर माफियाओं ने फायरिंग भी की थी । उससे कुछ दिनों के बाद चार शहर का नाका पर माफियाओं ने पुलिस कॉन्स्टेबल को पीटा भी था। कॉन्स्टेबल अवैध शराब के कारोबार की जानकारी मिली थी । तो वह अकेला ही चला गया था रात्रि 11:30 बजे शराब बंद कराने जिस पर दो थाने की पुलिस पहुंची थी और मामला किला गेट थाने में पंजीबद्ध हुआ था । और आज दिनदहाड़े अल्टो गाड़ी में देशी शराब की पेटियां पकड़ी गई कीमत लगभग ₹200000 जैसा थाना प्रभारी के द्वारा बताया गया। मुखबिर की सूचना मिलने के बाद घेराबंदी करके हमने पकड़ा है। उसके के बाद भी पुलिस के नाक के नीचे से आरोपी फरार हो जाता है ? मामला काफी संदिग्ध प्रतीत होता है । आये दिन संजय नगर, बिरला नगर, चार शहर का नाका, यह क्षेत्र अधिकतर सुर्खियों में रहता हैं। इस टाइप के वारदात यहां आये दिन होते रहते हैं। आपको बता दें कि यह इलाका ऊर्जा मंत्री का भी है । जो इस समय काफी सुर्खियों में चल रहे है । पिछले 3 सालों में थाना प्रभारी ने खूब खुलासे किए हैं । लेकिन उसके बाद भी कालाबाजारी नाक के नीचे चल रही है । जो कि संदेहजनक प्रतीत होता है ??

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