Prime News 21 | विशेष रिपोर्ट
जोधपुर, 29 अक्टूबर 2026
आसाराम बापू की मेडिकल पैरोल और जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि पूरे मामले को तारीखवार समझा जाए और अपुष्ट दावों के बजाय प्रमाणित तथ्यों के आधार पर राय बनाई जाए।
इस रिपोर्ट में पैरोल मिलने से लेकर उसकी अवधि समाप्त होने, जेल पहुंचने में देरी, अस्पताल जाने और अगले दिन सरेंडर करने तक के प्रमुख घटनाक्रम को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
1. आसाराम बापू को कब मिली थी पैरोल?
राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर 2026 को चिकित्सा संबंधी आधार पर आसाराम बापू को 20 दिन की पैरोल प्रदान की थी। इस दौरान उन्हें निर्धारित शर्तों का पालन करना था। पैरोल एक कानूनी राहत है। यह दोषसिद्धि समाप्त होने या सजा से स्थायी मुक्ति के समान नहीं होती।
2. पैरोल बढ़ाने के लिए क्यों मांगी गई राहत?
पैरोल की अवधि समाप्त होने से पहले उनकी ओर से चिकित्सा संबंधी आधार पर अतिरिक्त समय की मांग की गई। इस विषय में सुप्रीम कोर्ट में भी राहत मांगी गई, लेकिन 27 अक्टूबर को पैरोल बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की गई। इसके बाद निर्धारित समय के अनुसार जेल में वापस पहुंचना जरूरी था।
3. 27 अक्टूबर को जोधपुर जेल में क्या हुआ?
उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आसाराम बापू को 27 अक्टूबर की शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना था। जेल प्रशासन की ओर से शाम 7:30 बजे तक अतिरिक्त समय दिए जाने की भी खबर प्रकाशित हुई।
वे उज्जैन से एयर एंबुलेंस के माध्यम से जोधपुर पहुंचे और रात लगभग 10:45 बजे जेल पहुंचे। उस समय तक निर्धारित समय बीत चुका था।
रात में बंदियों को प्रवेश देने से संबंधित नियमों का हवाला देते हुए जेल प्रशासन ने उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया।
4. जेल से लौटने के बाद कहां गए आसाराम बापू?
जेल में प्रवेश नहीं मिलने के बाद आसाराम बापू को जोधपुर के भगत की कोठी क्षेत्र स्थित आरोग्यम अस्पताल ले जाया गया। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने रात अस्पताल में बिताई।
5. 28 अक्टूबर को सुबह हुआ सरेंडर
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 28 अक्टूबर की सुबह आसाराम बापू ने जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया। रिपोर्टों में उनके जेल पहुंचने का समय सुबह लगभग 9:45 से 10 बजे के बीच बताया गया है।
इस तरह पैरोल समाप्त होने के बाद उनके जेल लौटने की प्रक्रिया अगले दिन पूरी हुई।
6. समय पर सरेंडर नहीं करने पर FIR क्यों दर्ज हुई?
निर्धारित समय पर जेल नहीं लौटने के मामले में जोधपुर के रातानाडा पुलिस थाने में राजस्थान कारागार अधिनियम की धारा 58(बी) के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर सामने आई।
यह मामला तय समय के भीतर जेल में वापस नहीं पहुंचने से संबंधित है। इस संबंध में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में है।
7. जेल में झुकने और रोने के दावों पर क्या कहें?
सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के व्यवहार को लेकर वीडियो, तस्वीरें और अलग-अलग दावे प्रसारित हो सकते हैं। लेकिन किसी प्रमाणित स्रोत के बिना यह कहना उचित नहीं होगा कि किसी ने जेल अधिकारी के सामने झुककर माफी मांगी या किसी विशेष कारण से रोया।
8. क्या अब पैरोल मिल सकती है?
भविष्य में पैरोल या किसी अन्य कानूनी राहत की संभावना का निर्णय संबंधित कानून, चिकित्सा साक्ष्य, लागू शर्तों और सक्षम न्यायालय या प्राधिकारी के आदेश पर निर्भर करेगा।
अफवाहों से बचें, तथ्यों को समझें :
आसाराम बापू के मामले में पैरोल, जेल पहुंचने में देरी और सरेंडर से जुड़े घटनाक्रम को अलग-अलग करके देखने के बजाय पूरी समयरेखा को समझना जरूरी है।
किसी व्यक्ति के समर्थक या विरोधी होने से तथ्य नहीं बदलते। न्यायालय के आदेशों का सम्मान, पीड़िता के अधिकारों की रक्षा, कानून के समक्ष समानता और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं।




