ग्वालियर : भगवामय हुआ ग्वालियर शहर,प्राचीन वाद्ययंत्रों व साधकों की लगी प्रदर्शनी,26 को शहर की सड़कों पर निकलेगा पथ संचलन।

Spread the love

ग्वालियर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मध्यभारत प्रांत का 4 दिवसीय प्रांतीय स्वर साधक संगम (घोष शिविर) का गुरूवार से शुरू हो गया। सरस्वती शिशु मंदिर केदारधाम परिसर शिवपुरी लिंक रोड ग्वालियर पर पहले दिन सुबह घोष की ऐतिहासिक यात्रा आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन मध्य भारत प्रांत के संघचालक अशोक पाण्डेय एवं राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. साहित्य कुमार नाहर ने किया। इस प्रदर्शनी में अति प्राचीन एवं दुर्लभ वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया गया, जिसे 28 नवंबर तक आमजन भी देख सकेंगे। संगम में शामिल होने के सरसंघचालक डाॅ. मोहन राव भागवत 26 नवंबर की शाम को ग्वालियर आएंगे। 26 को ही शहर में पथ संचलन निकलेगा जिसमें 500 से अधिक घोष वादक शामिल होंगे। आयोजन के लिए शहर चार दिन तक भगवामय रहेगा।

चार चरणों में प्रदर्शनी

प्रदर्शनी के पहले भाग में पारम्परिक अति प्राचीन एवं दुर्लभ वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन किया गया है। जबकि दूसरे भाग में देश के प्रख्यात गायकों एवं वादकों का जीवन परिचय चित्रमय झांकी के द्वारा किया गया है। तीसरे भाग में देशभर के प्राचीन वाद्यों का चित्रमय प्रदर्शन किया गया है। चौथे भाग में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की घोष यात्रा का इतिहास एवं रचनाओं के वादन को डिजीटल के माध्यम से दिखाया गया है। प्रांत संघचालक श्री पाण्डेय ने बताया कि मनुष्य जीवन के संस्कारों में संगीत का अपना विशेष महत्व है। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने इसे संगठन गढ़ने का मूलमंत्र माना है। संघ में घोष की यात्रा 1927 से प्रारम्भ हुई। प्रारंभ में शंख, वंशी और आनक जैसे मूल वाद्यों पर वादन शुरू हुआ।

घोष वादक बजायेंगे पांच रचनाएं

28 नवंबर तक चलने वाले स्वर साधक संगम में 500 से अधिक घोष वादक जिन्हें न्यूनतम पांच रचनाओं ध्वजारोपणम, मीरा, भूप, शिवरंजनी एवं तिलंग का वादन आता है उन्हें ही शामिल किया गया है। इस शिविर स्थल में आवास व्यवस्था दो परिसरों में की गई है, एक को स्वरद परिसर एवं दूसरे को तूर्य परिसर का नाम दिया गया है।

26 को निकलेगा पथसंचलन

संघ के स्वर साधक संगम में भाग लेने वाले घोष वादकों का पथसंचलन 26 नवम्बर को निकलेगा। जिसमें मध्यभारत प्रांत के 31 जिलों के 500 से अधिक घोष वादक शामिल होंगे। 26 नवंबर को शाम 4ः45 बजे समस्त शिविरार्थी फूलबाग स्थित वीरांगना लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर एकत्रित होंगे। यहां पर महारानी लक्ष्मीबाई की मान वंदना होगी। तपश्चात यहां से पथसंचलन प्रारंभ होकर फूलबाग, गुरूद्वारा, नदी गेट, इंदरगंज होते हुए जीवायएमसी मैदान पर समाप्त होगा।

26 को आएंगे डाॅ. भागवत

स्वर साधक संगम में शामिल होने के लिए सरसंघचालक डाॅ. मोहन राव भागवत 26 नवंबर को ग्वालियर आएंगे और 28 नवंबर तक शिविर में रहेंगे। इस शिविर में अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख सुनील कुलकर्णी तथा अखिल भारतीय सह शारीरिक प्रमुख जगदीश पूरे समय रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *