गुना में न्यायालय के साथ धोखाधड़ी का मामला : जज ने थाने को लिखा पत्र, जूनियर वकील और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया

Spread the love

जुर्माने की रसीद में हेरफेर,वकील ने 200 की रसीद में दो जीरो जोड़कर 20 हजार कर दिए

गुना / मध्यप्रदेश के गुना में जिला एव सत्र न्यायालय में कोर्ट के साथ ही धोखाधड़ी का मामला सामने आया जहाँ एक वकील ने पुरानी रसीद को ओवरराइट कर कोर्ट में दो बार पेश कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने 200 रुपए की रसीद को 20 हजार रुपए का बना दिया और जुर्माने के रूप में उसे कोर्ट में दिखा दिया, जबकि पैसे जमा नहीं किए। मामले का खुलासा होने के बाद जज ने थाने को पत्र लिखा। जिसके बाद जूनियर वकील और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

दरअसल जज ऋचा द्विवेदी की कोर्ट ने मारपीट और गाली-गलौज के मामले में आरोपी दलवीर धाकड़ को 200 रुपए का जुर्माना लगाया था। आरोपी ने 17 जनवरी 2022 को जुर्माना जमा कर दिया। जिसके बदले कोर्ट की रसीद बुक क्रमांक 37 की रसीद क्रमांक-2 जारी की गई।

वकील ने कर दिया खेल

मारपीट और गाली-गलौज के आरोपी ने 200 रुपए जुर्माना देकर जो रसीद ली। वकील ने एक अन्य मामले में उसी रसीद को ओवर राइटिंग कर 200 रुपए से 20000 रुपए कर दिया और जेलर को शो कर दी। दरअसल पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश शशिकांता वैश्य ने एक अन्य मामले में आरोपी अनिल ओझा, निवासी पुरानी छावनी को 17 मार्च 2020 को 10 साल की सजा सुनाई थी। साथ ही, 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। वकील ने फर्जीवाड़ा कर इसे भरना बता दिया, जबकि 20 हजार रुपए जुर्माना जमा ही नहीं किया गया था।

जज ने कराया सत्यापन

पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश वर्षा शर्मा ने रसीद का सत्यापन ऋचा द्विवेदी के न्यायालय से कराया। जब कोर्ट ने जांच की, तो सामने आया कि रसीद कूट रचित है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भी इसका प्रतिवेदन भेजा गया। बताया गया कि जुर्माने के एवज में बंदी को सजा न काटनी पड़े इसके संबंध मे उक्त रसीद जारी नहीं है, बल्कि पहली रसीद में हेरफेर कर इसे न्यायालय के विशेष प्रकरण में पेश किया गया है।

वकील ने किया हेरफेर

पता चला है कि 17 जनवरी 2022 को बंदी परिवार वालों के साथ उसके वकील सुरेन्द्र धाकड़ का जूनियर दिनेश कुशवाह भी साथ में आया था। वो उसे गेट पर रसीद देकर बोला- तेरा जुर्माना 20 हजार रुपए कोर्ट में जमा कर दिया है। उसी रसीद की फोटो कॉपी भी दी। बोले- यह रसीद जेल के ऑफिस में दे देना, जिससे जुर्माने की सजा नहीं काटनी पड़ेगी। बंदी ने रसीद जेल कार्यालय वारंट ऑफिस में दे दी।

जूनियर वकील समेत दो पर FIR

मामले में जूनियर वकील दिनेश कुशवाह से स्पष्टीकरण मांगा गया। जवाब में उसने रसीद में फ्रॉड से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कैंट थाने को पत्र लिखकर मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत के निर्देश पर थाने में जूनियर वकील दिनेश कुशवाह और आरोपी अनिल ओझा के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों में कूट रचना करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *