मुंबई : हवाला कारोबारी के दफ्तर से 9.78 करोड़ कैश सहित 19 किलो चांदी बरामद।

मुम्बई : महाराष्ट्र राज्य के जीएसटी विभाग (GST Department) ने मुंबई के जावेरी बाजार में चामुंडा बुलियन स्थित कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा और 9 करोड़ 78 लाख रुपये नकद और 13 लाख रुपये मूल्य की 19 किलो चांदी की ईंटें जब्त की । कंपनी राज्य के जीएसटी विभाग के रडार पर तब आई जब जीएसटी विभाग (GST Department) ने देखा कि उसका कारोबार तीन साल में 23 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,764 करोड़ रुपये हो गया। जिसके बाद छापेमारी की गई।
गौरतलब है कि, साल 2019-20 में इस कंपनी का टर्नओवर 22.83 करोड़ रुपये था, जो 2020-21 में बढ़कर 652 करोड़ रुपये और 2021-22 में 1764 करोड़ रुपये हो गया । कंपनी के टर्नओवर में अचानक बढ़ोतरी के बाद महाराष्ट्र के जीएसटी अधिकारियों ने कंपनी की जांच शुरू कर दी । 16 अप्रैल को चामुंडा बुलियन के विभिन्न कार्यालयों की तलाशी से पता चला कि कंपनी की कई शाखाएं जीएसटी के साथ पंजीकृत नहीं थीं।

मालिक बोले, राशि हमारी नहीं :-

जीएसटी के अधिकारियों को बुलियन कंपनी पर शक हो गया और उन्होंने उनके कई कार्यालय पर छापा मारा । इस दौरान पता चला कि कंपनी ऑफिसों की जो दीवारें हैं, उनमें में नकदी और चांदी की ईंटें छिपा कर रखी हुई हैं । खास बात है कि जो लोग इस जगह के मालिक हैं, उन्होंने यह कहकर अपने हाथ खड़े कर लिए कि ये हमारा सामान नहीं है । जगह के मालिक ने कहा कि उन्हें छिपी हुई राशि के बारे में कुछ नहीं पता है । फिलहाल विभाग ने इस जगह को अब सील कर दिया गया है ।

35 वर्ग मीटर की एक छोटी सी जगह में खजाना :-

जीएसटी विभाग (GST Department) द्वारा बाद में की गई छापेमारी में कंपनी की कई शाखाओं का पंजीकरण नहीं मिला । 35 वर्ग मीटर की एक छोटी सी जगह में जीएसटी विभाग को 9 करोड़ 78 लाख रुपये नकद और 19 किलो वजन (13 लाख रुपये मूल्य) की चांदी की ईंटें एक दीवार में छिपी हुई मिलीं । राज्य के जीएसटी विभाग ने जगह को सील कर दिया है और आयकर विभाग को भी घटना की सूचना दे दी गई है ।

एक्शन मोड में जीएसटी विभाग (GST Department) :-

आयकर विभाग ने इस राशि और संपत्ति के स्रोत की तलाश शुरू कर दी है । राज्य के जीएसटी विभाग ने पिछले कुछ महीनों में जीएसटी चोरी पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और हजारों करोड़ की जीएसटी चोरी का पता लगाने में कामयाबी हासिल की है । यह कार्रवाई राज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त राहुल द्विवेदी और उपायुक्त विनोद देसाई के नेतृत्व और मार्गदर्शन में की गई है ।
बता दें कि 20 अप्रैल को आयकर विभाग के अधिकारी वहां पहुंचे और कैश को गिनना शुरू किया । इतने सारे कैश को गिनने में करीब 6 घंटे लग गए । इस बीच कारोबारी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है । चूंकि जीएसटी विभाग ने इस साल पांच बड़ी गिरफ्तारियां की हैं । विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कारोबारी के परिसर से नकद लेनदेन की कच्ची पर्चियों का बहुत बड़ा जखीरा मिला है । वहीं आयकर विभाग की टीम इन हवाला लेनदेन की कच्ची पर्चियों के ढेर से इस कारोबार से जुड़े लोगों की धर पकड़ में जुट गई है । और महाराष्ट्र जीएसटी टीम भी अपने स्तर पर इस दौलत का असल स्रोत जानने में जुटी हैं । अधिकारी इस मामले की बारीकी से जांच कर रहे है।

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