वर्दीधारी को अपनी वर्दी की मान मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि मुसीबत में जनता को आपका ही सहारा है : डीआईजी ग्वालियर

  • कोविड-19 के दौरान ग्वालियर पुलिस द्वारा किए गए कार्यों को सराहा।
  • ग्वालियर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ के खिलाफ की गई कार्रवाई की प्रशंसा की।
  • दरबार लगाकर पुलिस जवानों की समस्याओं का शीघ्र दास निराकरण करने के लिए निर्देश।
  • थाना झांसी रोड व थाना पनिहार का किया वार्षिक निरीक्षण।

डीआईजी ग्वालियर ने किया पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण

ग्वालियर। आज पुलिस उपमहानिरीक्षक ग्वालियर रेंज श्री राजेश हिंगणकर, भापुसे द्वारा पुलिस लाइन ग्वालियर का वार्षिक निरीक्षण किया गया और दरबार लगाकर पुलिस जवानों से रूबरू हुए। इस दौरान पुलिस जवानों द्वारा बताई गई अपनी समस्याओं का उनके द्वारा यथासंभव शीघ्रता से निराकरण करने का आश्वासन देते हुए उपस्थित पुलिस अधिकारियों को समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के प्रारंभ में पुलिस उपमहानिरीक्षक ग्वालियर को क्वार्टर गार्ड और सलामी दी गई। डीआईजी ग्वालियर ने क्वार्टर गार्ड स्थित 17 घर में हथियारों का निरीक्षण किया तथा विभाग को आवंटित विभिन्न वाहनों तथा नवनिर्मित शासकीय भवनों की जानकारी ली। तत्पश्चात उन्होंने रक्षित निरीक्षक श्री रणजीत सिंह से पुलिस लाइन की शाखा वार जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री अमित सांघी, भापुसे,अति० पुलिस अधीक्षक शहर मध्य श्रीमती हितका वासल,अति० पुलिस अधीक्षक शहर पश्चिम श्री सत्येंद्र सिंह तोमर, अति० पुलिस अधीक्षक शहर पूर्व श्री राजेश दंडोतिया, अति० पुलिस अधीक्षक देहात श्री जय राज कुबेर, डीएसपी लाइन श्री विजय भदोरिया के अलावा पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

वार्षिक निरीक्षण हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक ग्वालियर रेंज आज सुबह करीब 9:00 पुलिस लाइन पहुंचे। यहां सबसे पहले पुलिस जवानों ने डीआईजी ग्वालियर रेंज को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। तत्पश्चात उन्होंने क्वार्टर गार्ड पर हथियारों का निरीक्षण किया और उनकी साफ-सफाई को देखा। उन्होंने पुलिस लाइन की एमपी शाखा में पहुंचकर शासकीय वाहनों व टूलकिट का भी जायजा लिया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान वाहनों से संबंधित जानकारी पुलिस अधिकारियों व शाखा प्रभारी से ली। वार्षिक निरीक्षण के अंत में डीआईजी ग्वालियर ने पुलिस लाइन में ही दरबार लगाया। उन्होंने पुलिस जवानों व अधिकारियों से बारी-बारी से उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। दरबार में मुख्य रूप से पुलिसकर्मियों ने वेतन भत्तों, पदोन्नति, आवास व अन्य मूलभूत सुविधाओं से डीआईजी को अवगत कराया। डीआईजी ग्वालियर ने पुलिस कर्मियों की समस्या से रूबरू होते ही उन्होंने यथासंभव निराकरण किए जाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक ग्वालियर की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके द्वारा कोविड-19 के दौरान पुलिसकर्मियों के परिजनों के लिए उपचार एवं रेमदेसीविर इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए तथा आम जनों के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी होने पर तत्काल ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई गई, जिससे करोड़ों जिंदगियों को बचाया जा सका, इसके लिए मैं पुलिस अधीक्षक ग्वालियर तथा पुलिसकर्मियों की प्रशंसा करता हूं। इसके अलावा ग्वालियर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की भी भूरी-भूरी प्रशंसा की गई।

दरबार में उपस्थित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों से डीआईजी ग्वालियर ने अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान करने के लिए कहा साथ ही प्रतिदिन योगा करने की सलाह भी उनको दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्दीधारी जवानों को अपनी वर्दी का मान मर्यादा रखनी चाहिए क्योंकि मुसीबत के समय जनता को आप का ही सहारा रहता है। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि पुलिस की उपस्थिति चौराहे व भीड़भाड़ वाले इलाकों में होनी चाहिए, जिससे आशमी तत्वों व अपराधियों ने पुलिस की प्रति भय व्याप्त हो। डीआईजी ने कहा कि पुलिस जवानों को अपना सेवा रिकॉर्ड अच्छा रखना चाहिए जिससे आपको पदोन्नति के अवसर सदैव मिलते रहेंगे। बेसिक प्रशिक्षण कोर्स उत्तीर्ण होने से पदोन्नत नहीं हो पा रहे आरक्षण की समस्या का निदान करते उन्होंने कहा कि पुलिस लाइन में ही ग्वालियर रेंज का 3 माह का बेसिक प्रशिक्षण कोर्स चलाया जाएगा, जिसका लाभ बेसिक प्रशिक्षण अनुउत्तीर्ण जवानों को होगा। शासकीय बसों की कमी के जिक्र पर उन्होंने कहा कि तेरी भी वाहिनी में ग्वालियर पुलिस के लिए 200 भवन निर्मित हो चुके हैं जो शीघ्र ही पुलिसकर्मियों को आवंटित किए जावेगे।

पुलिस लाइन के निरीक्षण के बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक ग्वालियर रेंज द्वारा थाना झांसी रोड व थाना पनिहार का वार्षिक निरीक्षण किया। उनके द्वारा थाने के रिकॉर्ड साधारण व लंबित अपराधियों तथा लंबित शिकायतों की समीक्षा की तथा कहा कि महिला संबंधित अपराधों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उनकी विवेचना को समय सीमा मैं पूर्ण करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने का प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले पीड़ित से शालीनता पूर्वक बात कर उनकी समस्या का यथासंभव तत्काल निराकरण करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *