ग्वालियर में रिटायर्ड अफसर 48 दिन ‘डिजिटल अरेस्ट’, जालसाजों ने 1.12 करोड़ रुपये ठगे

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प्राइम न्यूज़ 21 प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर की खेड़ापति कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता को साइबर ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” के जाल में फंसाकर 1.12 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने उन्हें 16 नवंबर 2025 से 3 जनवरी 2026 तक करीब 48 दिन मानसिक दबाव में रखकर लगातार डराया-धमकाया और पैसे ट्रांसफर करवाए। ठगी की रकम जम्मू-कश्मीर, गुजरात, मुंबई और असम के अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई है। क्राइम ब्रांच पुलिस अब खातों की डिटेल और खाताधारकों की भूमिका की जांच कर रही है।

कैसे फंसे रिटायर्ड अफसर:
जानकारी के मुताबिक, 16 नवंबर 2025 को बिहारी लाल गुप्ता के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को ट्राई (TRAI) अधिकारी “रोहित शर्मा” बताकर सिम बंद करने की धमकी दी। इसके बाद दूसरे व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर खुद को आईपीएस/सीबीआई अधिकारी बताकर “नीरज ठाकुर” नाम बताया। उसने दावा किया कि संदीप कुमार नाम के युवक को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़ा गया है और केस में उनका नाम भी जुड़ रहा है।

ठगों का तरीका:
ठगों ने कार्रवाई, गिरफ्तारी और कानूनी परेशानी का डर दिखाकर उन्हें लगातार कॉल और वीडियो कॉल पर बनाए रखा। इसी दबाव में उनसे अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली गई। पीड़ित के चार बेटे बाहर मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करते हैं और घर पर सिर्फ पति-पत्नी रहते हैं, इसी कमजोरी का फायदा उठाकर जालसाजों ने उन्हें लंबे समय तक मानसिक रूप से कंट्रोल में रखा।

पुलिस जांच:
क्राइम ब्रांच अब जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उनकी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, KYC और लिंक नंबरों की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि यह संगठित साइबर ठगी गिरोह का मामला हो सकता है।

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