ग्वालियर। गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को मध्य प्रदेश पहुंचे, ग्वालियर–रीवा कार्यक्रमों में भाग लिया। शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के मेला ग्राउंड में राज्यस्तरीय ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट: निवेश से रोजगार’, ग्वालियर व्यापार मेला और अटल म्यूजियम का उद्घाटन किया। 2 लाख करोड़ रुपए की 1655 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया।
इस दौरान शाह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की कार्यशैली को पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से ज्यादा ऊर्जावान बताया। शाह बोले- दिग्विजय सिंह के शासन में मध्य प्रदेश बीमारू राज्य बनकर रह गया था। शिवराज जी ने प्रदेश से बीमारू का टैग हटाया और अब मोहन यादव जी, शिवराज जी से ज्यादा ऊर्जा के साथ इसको आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
यहां शाह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजा साहब कहकर संबोधित किया तो लोगों ने खूब तालियां बजाईं।
शाह और सीएम को सुनने काली जैकेट और स्वेटर पहनकर आए लोगों से इन्हें कार्यक्रम स्थल के बाहर ही उतरवा लिया गया। इसके बावजूद कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता शाह को काले दिखाने में कामयाब रहीं।
ग्वालियर की धरती साधारण नहीं है। यही वह भूमि है, जहां तानसेन का जन्म हुआ। इसी भूमि ने अटल बिहारी वाजपेयी जैसा महान नेता देश को दिया। यहीं से निकलकर अटल जी ने संघर्ष किया और आज पूरा देश उन्हें लाड़ करता है।
शाह बोले कि मध्य प्रदेश में देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी है। अटल सरकार से पहले देश में आदिवासियों के लिए न तो कोई ठोस योजना थी और न ही कोई अलग विभाग, जिससे उनके विकास और उत्थान का काम हो सके। अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए अलग आदिवासी विभाग का गठन किया। उनके अधिकारों को मजबूती दी।




