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चयनित आमंत्रण और सम्मान पर उठे सवाल

ग्वालियर। आज ग्वालियर प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर शहर के पत्रकारों के एक बड़े वर्ग में नाराज़गी और असंतोष का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में केवल चुनिंदा पत्रकारों को ही आमंत्रण दिया गया और उन्हीं को सम्मानित किया गया, जबकि कई वरिष्ठ और नियमित रूप से प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों को न तो आमंत्रण मिला और न ही कार्यक्रम की पूर्व सूचना दी गई।
सूत्रों के अनुसार:
आमंत्रण उन्हीं पत्रकारों तक सीमित रहा जो आयोजन से जुड़े कुछ खास लोगों के करीबी माने जाते हैं। इस चयनात्मक रवैये से बाकी पत्रकारों में यह भावना गहराई है कि प्रेस क्लब जैसे संस्थान में व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं, जो पत्रकारिता की सामूहिक भावना और निष्पक्षता के विपरीत है।
कई पत्रकारों का कहना है कि प्रेस क्लब किसी एक गुट या समूह की संस्था नहीं, बल्कि सभी पत्रकारों का साझा मंच है। ऐसे में कार्यक्रमों और सम्मानों में पारदर्शिता और समान अवसर होना आवश्यक है।
कुछ पत्रकारों ने इसे “सम्मान का नहीं, चयन का सवाल” बताया और कहा कि यदि सभी को साथ लेकर नहीं चला जाएगा, तो इससे संगठनात्मक एकता कमजोर होगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रेस क्लब की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। पत्रकारों की मांग है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और समान आमंत्रण व्यवस्था लागू की जाए, ताकि किसी भी वर्ग को उपेक्षित महसूस न करना पड़े।
फिलहाल, इस मुद्दे पर प्रेस क्लब प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पत्रकारों में व्याप्त आक्रोश यह संकेत जरूर दे रहा है कि यदि समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया, तो मामला और तूल पकड़ सकता है।




