धौलपुर। जिला मुख्यालय से गुजर रही चंबल नदी में शुक्रवार को पानी के तेज बहाव में डूबे तीन लड़कों का सुराग नहीं लग सका है। हालांकि एसडीआरएफ एवं सिविल डिफेंस की टीम स्टीमर के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन पानी में डूबे तीनों लड़कों का अता-पता नहीं चल सका है। रेस्क्यू टीम को मानव हड्डियों के अवशेष जरूर मिले हैं।
एडिशनल एसपी ओम प्रकाश मीणा ने बताया
शुक्रवार शाम को बारिश होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को बंद कर दिया था। शनिवार को एसडीआरएफ एवं सिविल डिफेंस की कई टीमों ने सर्च ऑपरेशन की शुरुआत की। दोपहर तक पानी में डूबे मुबारक (19) पुत्र अली निवासी ग्वालियर, लकी (16) पुत्र निसार निवासी पुराना शहर और सूफियाना पुत्र समीर निवासी बाड़ी का सुराग नहीं लग सका है। एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस एवं स्थानीय गोताखोर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। उन्होंने बताया नदी के अंदर से एसडीआरएफ को हड्डियों के कुछ अवशेष जरूर मिले हैं। एडिशनल एसपी ने बताया घटना स्थल के आसपास मगरमच्छ एवं घड़ियाल भारी तादाद में पाए जाते हैं। ऐसे में मगरमच्छ पानी में बहे तीनों लड़कों का शिकार कर सकते हैं। उसके बाबजूद जिला प्रशासन द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया प्रशासन द्वारा लड़कों के बरामद करने की पूरी कोशिश की जा रही है।
तीन लड़कों की बची जान
चंबल नदी हादसे में तीन लड़कों की जान बच गई है। एडिशनल एसपी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि बिजली की केबल पकड़ कर शहजाद निवासी ग्वालियर, गोलू निवासी धौलपुर और इरशाद निवासी मुरैना की जान बच गई। तीनों लड़कों ने पानी के तेज बहाव में पानी की मोटर की केबल को पकड़ लिया था। सिविल डिफेंस की टीम ने स्टीमर की मदद से तीनों को रेस्क्यू कर लिया था. उन्होंने बताया पुलिस और प्रशासन द्वारा हादसे की जांच की जा रही है।




