आर टी आई एक्ट की अवहेलना करें तो करवाए एफआईआर।

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83 वें राष्ट्रीय आर टी आई वेबिनार का हुआ आयोजन,सूचना आयोग के आदेश की अवहेलना होने पर सूचना आयोग की शक्तियां और आवेदकों के अधिकार विषय पर आयोजित हुआ 83 वां आरटीआई वेबीनार ,सूचना आयुक्त राहुल सिंह की अध्यक्षता में होता है कार्यक्रम,आरटीआई एक्टिविस्ट ताराचंद जांगिड़ एवं प्रो वीरेंद्र ठक्कर ने साझा किए अपने विचार,कहा यदि पीआईओ जवाब न दें और एक्ट की अवहेलना करें तो करवाएं एफ आई आर, कार्यक्रम का संचालन सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के द्वारा किया गया।

रीवा दिनांक 23 जनवरी 2022 / कोविड-19 में वर्चुअल माध्यम से सूचना के अधिकार कानून की जानकारी के साथ-साथ अन्य लीगल नॉलेज को जन जन तक पहुंचाने के लिए प्रारंभ किए गए जूम मीटिंग का 83 वां एपिसोड संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के रूप में राजस्थान से आरटीआई एक्टिविस्ट ताराचंद जांगिड़ एवं उत्तराखंड से वीरेंद्र कुमार ठक्कर सम्मिलित हुए जिन्होंने सूचना आयोग के आदेश के बावजूद अनुपालना न होने पर सूचना आयोग की शक्तियां और अपीलार्थी के अधिकार विषय पर अपने विचार रखें।

कानूनी जानकारी के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए ताराचंद जांगिड़ ने बताया कि किस प्रकार भारतीय दंड संहिता और दंड प्रक्रिया संहिता के तहत विभिन्न धाराओं के तहत ऐसे लोक सूचना अधिकारियों और जिम्मेदार लोक प्राधिकारीयों के ऊपर थाने में एफ आई आर दर्ज करवाई जा सकती है और यदि थाना एफआइआर दर्ज करने से मना करें तो उस स्थिति में सीधे निचली अदालत पर जाकर आर टी आई अधिनियम की अवहेलना करने के लिए एवं सेवा आचरण नियम के विरुद्ध आचरण करने के लिए धारा 166, 188 एवं 420 के तहत प्रकरण दर्ज करवाया जा सकता है।

प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार ठक्कर ने भी अपने विस्तृत अनुभव साझा किए और उपस्थित दर्जनों पार्टिसिपेंट्स के प्रश्नों के जवाब दिए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से आरटीआई कार्यकर्ता देवेंद्र अग्रवाल और राजस्थान से सुरेंद्र जैन ने भी मामले पर अपने विचार और अनुभव साझा किए।

 

                                                 

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