भोपाल । नेताओं का चुनावी दौरे का सिलसिला भी चल पड़ा है, और शीर्ष नेता लगातार चुनावी सभाएं कर रहे हैं। पार्टियां अपनी बात जनता का तक पहुंचाने की कोशिशों में जुटी हुई है। इन सबके बीच चुनाव आयोग ने भी अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव आयोग ने ट्रांसफर की डेट 31 जुलाई तक फिक्स कर दी है, इसके बाद तबादले नहीं हो सकेंगे।
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Toggleप्रत्याशी को चुनाव में इस बार 40 लाख रुपये खर्च करने की छूट
चुनाव आयोग की टीम ने भोपाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर अधिकारियों के साथ बैठक की है। जिसमें ज्यादा पैसे खर्च करने पर सहमति बनी। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने वर्ष 2022 में चुनाव खर्च सीमा बढ़ाने की घोषणा की थी। जिसके परिणामस्वरुप इस बार खर्च सीमा 40 लाख रुपए कर दी गई है। जहां तक पिछली बार चुनावों के दौरान प्रत्याशियों ने खर्च सीमा को बहति कम बताया था। उस समय वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा 28 लाख रुपये थी।
हालांकि बाद के वर्षों में अधिकतम सीमा में संशोधन करने की मांग की जाने लगी थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने हालात और राजनीतिक दलों की मांग को देखते हुए एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी की सिफारिश के बाद ही चुनाव आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा खर्च की जाने वाली राशि को बढ़ाने का फैसला लिया था। वहीं अब लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में प्रत्याशियों को पहले के मुकाबले ज्यादा राशि खर्च करने की अनुमति मिल गई।
मप्र विधानसभा चुनाव 2018 में खर्च की सीमा 28 लाख रुपये थी
मप्र में चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के साथ ही चुनाव आयोग भी एक्टिव हो गया है। चुनाव से जुड़े सभी तरह के ट्रांसफर 31 जुलाई तक पूरे करने का भी निर्देश दिया गया है। एक अनुमान के मुताबिक, मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार कुल 2500 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर आयोग की एक टीम राजधानी भोपाल पहुंची। चुनाव आयोग की टीम ने प्रदेश के उत्तरदायी अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। हालांकि आयोग ने चार्टर्ड विमानों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।





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